सफलता का पैमाना आर्थिक होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है
नीरव समदर्शी आज के भागमभाग भरी जीवन शैली का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लोग किसी संगठन,समान या फिर व्यक्ति के प्रति अपनी छवि विकसित करने के लिए प्रचार तंत्र,सामनेवाले का गेटप को महत्व देते है। जबकि प्रचार या…
योगी बने प्रधान मंत्री , नरेंद्र मोदी अब राष्ट्रपति बनेंगे , हरिवंश उप राष्ट्रपति
दयानंद पांडेय आज अचानक हुए राजनीतिक उथल-पुथल में आदित्यनाथ योगी प्रधान मंत्री बन गए हैं। नरेंद्र मोदी अब राष्ट्रपति बनेंगे। इस तरह पाकिस्तान में सत्ता बदलने के पहले भारत की सत्ता में बहुत भारी फेरबदल हो गया है। इमरान जब…
मानव अधिकार
सलिल सरोज मौलिक मानवाधिकार सार्वभौमिक और अक्षम्य हैं और दुनिया के सभी लोग नस्ल, रंग, लिंग, जातीयता, उम्र, भाषा, धर्म, राष्ट्रीय या सामाजिक मूल, विकलांगता, संपत्ति, जन्म या अन्य स्थिति के आधार पर भेदभाव के बिना उनका आनंद लेने के…
त्रिदेवों में भगवान शंकर
प्रभात कुमार धवन त्रिदेवों में ब्रह्मा, विष्णु और शंकर की गणना की जाती है। एक ही परात्पर महाविष्णु जो परमविशुद्ध, सच्चिदानन्दधन, परब्रह्म परमात्मा है। इन्हीं को रजोगुण की प्रधानता से ‘ब्रह्मा’ सतोगुण की प्रधानता से ‘विष्णु’ एवं तमोगुण की प्रधानता…
वानर नरेश , लंकेश और दंगेश
दयानंद पांडेय उन दिनों मैं दिल्ली छोड़ कर लखनऊ आया था। 1985 की बात है। जनसत्ता , दिल्ली से स्वतंत्र भारत , लखनऊ । जैसे जनसत्ता इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप का अख़बार था , वैसे ही स्वतंत्र भारत , पायनियर ग्रुप…
नारी सशक्तिकरण
निक्की शर्मा रश्मि मुंबई प्रकृति का बनाया एक सुकोमल शीतल स्पर्श शक्ति का अपार भंडार के रूप में एक सुंदर रचना है नारी। नारी आज समाज के हर क्षेत्र में काम कर रही है आज वह किसी का मोहताज नहीं…
“फेसबुकिया पर्यावरण विशेषज्ञ”
अर्चना अनुप्रिया कोरोना ने और जो भी क्षति समाज को पहुँचायी हो, एक काम तो बहुत अच्छा किया है कि रातों-रात सोशल मीडिया पर पर्यावरण विशेषज्ञों की बाढ़ सी ला दी है।जिस-जिस के व्यापार बंद हुए,उनमें से कई लोग या…
नेशन नहीं , यूनियन आफ स्टेट का एक्सटेंशन और शाहीनबाग़ की वापसी है यह हिजाब की किताब
दयानंद पांडेय लड़की एक , पहलू दो हिजाब के बहाने कहीं यह शाहीनबाग़ की वापसी की ज़मीन तो नहीं बनाई जा रही है। मुझे आशंका इसी बात की है। नहीं , यह कोई मुद्दा ही नहीं है। आप इस मामले…
आवाजें कभी नहीं मरतीं..
अर्चना अनुप्रिया एक तहलका सा मचा है हर जगह.. अविश्वसनीय है यह खबर.. यह कैसे हो सकता है भला?.. वह आवाज, जिसे सुन-सुनकर हम बड़े हुए,जो हिंदुस्तानी गायन संस्कारों की अमिट पहचान है एकदम से खामोश कैसे हो सकती है?…
मजबूरी का नाम महात्मा गांधी
दयानंद पांडेय गांधी की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन ! लेकिन एक सवाल भी पूछने की कृपया मुझे अनुमति दीजिए। वह यह कि गांधी के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वालों में आज कितने लोग हैं , गांधी के बताए रास्ते…
हम एक दूसरे की कद्र किए बिना सुखी परिवार और सुखी परिवार बिना सुखी समाज नही बना सकते
पूनम आनंद पटना परिवार की नीव पति पत्नी के आधारस्तंभ से ही शुरू होती है। पति पत्नी बनते हैं एक साथ अनेक रिश्तो की शाखा खुद ब खुद निकल आती है। आपसी प्रेम के अद्भुत संगम का तिकोनिया चतुर्भुज रूप…
धरती को पेड़ों के आभूषण से सजाना होगा
निक्की शर्मा ‘रश्मि’ मुम्बई पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जीव – जंतु, पशु – पक्षी प्रकृति की गोद में पल रहे सभी जीव जंतु के जीवन को प्रकृति के अनुरूप बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है प्रकृति के संतुलन को बनाए…










