मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

सम्पादकीय

सम्पादकीय

विवादित बयान मुद्दा के बहाने सोशियल मीडिया को नियंत्रित करे सरकार …

नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी और भारत सरकार ने तुरंत  कार्यवाही करते हुए नूपुर शर्मा को बाहर का रास्ता दिखाय। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया। कानून अपना कार्य कर रही है बावजूद इसके पूरे…

कहानी गङ्गा मैया की

माधुरी भट्ट गङ्गा दशहरा पर पतित पावनी माँ गङ्गा को नमन। मातः शैलसुता सपत्नि वसुधा शृंगारहारावलि। स्वर्गारोहिण वैजयन्ति भवतीं भागीरथीप्रार्थये।। त्वत्तीरे वसतस्त्वदम्बू पिवत स्त्वदिचिशु प्रेखत:। स्त्वन्नाम स्मरत स्त्वदर्पित दृशस्यानमे  शरीरव्यय:। वैसे तो गङ्गा मैया का उद्गम स्थल गोमुख माना जाता…

अफ़सोस कि यह लोग नरेंद्र मोदी की कूटनीति को अभी तक नहीं समझ पाए

दयानंद पांडेय होता है कई बार कि शेर से लड़ जाने वाले लोग चूहे-बिल्ली से भी डर जाते हैं। कुत्तों से भी। मैं भी डरता हूं चूहे , बिल्ली और कुत्तों से। बहुत डरता हूं। मक्खी और मच्छर से भी।…

जीवन टिका है प्राकृतिक पर्यावरण पर

जीवन टिका है प्राकृतिक पर्यावरण पर जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना इंसान भौतिक सुखों की प्राप्ति और अपना विकास करने की चाहत को लेकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। मनुष्य चंद लालच के चलते पेड़-पौधे…

जन-कल्याणकारी नेतृत्व के आठ वर्ष

  अश्विनी कुमार चौबे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का पहला कर्तव्य यही होता है कि वह अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह हो, आम जनता के भरोसे पर खरा उतरे और मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि माननीय…

ऐ अखिलेश , ऐ अखिलेश

दयानंद पांडेय बीते सवा पांच सालों से सत्ता से दूर होने की हताशा में  अखिलेश यादव ने अपनी  अभद्रता , बदमिजाजी और अहंकार का जो बांस का खूंटा गाड़ा है , उस बांस के खूंटे पर दौड़ कर बैठने के…

भारत के प्रथम नहर और बीज विज्ञानी: भगवान हलधर

डॉ  नीता चौबीसा  बाँसवाड़ा राजस्थान भारतीय धर्म और संस्कृति में बलराम एक हिंदुओं के देवता और भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई के रूप में पहचाने जाते है। जगन्नाथ परंपरा, त्रय देवताओं में से एक के रूप में वह विशेष…

आज के दौर में साहित्य के नाम पर दुकान चल रही है कीमत अदा कर रचनाएं छपवाई जा रही है

 राज प्रिया रानी आज साहित्य जगत का एक बेहद शर्मनाक पहलू उभर कर सामने आ रहा है जो स्वयं प्रकाशक, जिसके हांथ में साहित्यिक अस्मिता की रक्षा की डोर है, ही स्वार्थ के लालच में निकृष्टता धारण करते नजर आ…

प्रलेक के प्रताप का जखीरा और कीड़ों की तरह रेंगते रीढ़हीन लेखकों का कोर्निश बजाना

दयानंद पांडेय प्रलेक प्रकाशन की यह पुस्तक सूची देखिए। इस के मालिक जितेंद्र पात्रो से पूछिए कि इतनी सारी किताबों को रखने के लिए दुनिया में उन के पास कहीं कोई गोदाम भी है क्या ? अगर नहीं है तो…

योग की सार्वभौमिक आवश्यकता

योग का पहला सुव्यवस्थित व प्रामाणिक ग्रंथ ‘योगसूत्र’ 200 ई.पू. में लिखा गया। योग का प्रारम्भ भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही माना जाता है। बाद में कृष्ण, महावीर और बुद्ध ने इसे अपनी तरह से विस्तार दिया।…

दाम्पत्य जीवन और कामकाजी महिलाएं

प्रेमलता सिंह, पटना, आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कदम- से -कदम मिलाकर चलने के लिए तत्पर रहती है। बदलते वक़्त में महिलाएं आर्थिक, शैक्षिक और समाजिक रूप से सशक्त है। आज भी कुछ महिलाओं के…

प्रकाशकों द्वारा शोषण के शिकार क्यों हो रहे हैं आज के साहित्यकार

ऋचा वर्मा, पटना बीते दिनों सोशल मीडिया के साथ -साथ  प्रिंट मीडिया पर भी  इस बात की बहुत चर्चा हुई कि आज के दौर में प्रकाशको द्वारा  साहित्यकारों का शोषण एक आम बात हो गई है। मामले की तह तक…