“संघर्ष की धधकती मशाल: श्री कृष्ण”
“संघर्ष की धधकती मशाल: श्री कृष्ण” डॉ नीता चौबीसा बाँसवाड़ा राजस्थान अध्यात्म के विराट आकाश में श्रीकृष्ण ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो धर्म की परम गहराइयों व ऊंचाइयों पर जाकर भी न तो गंभीर ही दिखाई देते हैं और…
बिहार के सात शहीद
बिहार के सात शहीद रेखा भारती मिश्रा आजादी के गौरवमयी इतिहास में बिहार की भी अग्रणी भूमिका रही है। महिला से पुरुष तक , साहित्यकार से कामगार तक इस आजादी की लड़ाई में कोई भी अपना योगदान देने में पीछे…
वृद्ध वयस्कों के बीच सामाजिक डिस्कनेक्ट
वृद्ध वयस्कों के बीच सामाजिक डिस्कनेक्ट सलिल सरोज कार्यकारी अधिकारी लोक सभा सचिवालय नई दिल्ली मनुष्य सामाजिक प्राणी हैं। एक विकासवादी दृष्टिकोण से, हमारे प्रारंभिक अस्तित्व के लिए सामाजिक संबंध आवश्यक थे, और अभी भी बहुत कुछ हैं। वास्तव में,…
भारतीय प्राचीन सिक्कों का सोलह आना सच
डॉ० पूनम सिन्हा श्रेयसी हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग रहते हैं. उनके बारे एक कहावत मशहूर है कि ” चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए ” । एक दिन मेरे बेटे ने मुझसे पूछा कि ‘ चमड़ी ‘ के बारे…
प्रकाशन हेतु – बोथ पैरेंट्स वर्किंग सिन्ड्रोम (बी पी डब्ल्यू एस)
प्रकाशन हेतु – बोथ पैरेंट्स वर्किंग सिन्ड्रोम (बी पी डब्ल्यू एस) सलिल सरोज कार्यकारी अधिकारी लोक सभा सचिवालय संसद भवन, नई दिल्ली समाज में जब भी परिवर्त्तन की स्थिति बनती है तो उस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा वो प्रभावित…
गुरुदक्षिणा
गुरुदक्षिणा डा.सीमा रानी — गुरु -शिष्य परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। गुरु का कर्तव्य है शिष्यकोतराशना,निखारना पखारना। कालिमा को हर लेना । उसके व्यक्तित्व को शीतलता और प्रकाश से भर देना चन्द्रमा की तरह । परंतु इतिहास साक्षी…
महिला सशक्तिकरण के तहत राष्ट्रपति पद के एनडीए उम्मीदवार है द्रौपदी मुर्मू
महिला सशक्तिकरण के तहत राष्ट्रपति पद के एनडीए उम्मीदवार है द्रौपदी मुर्मू जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना द्रौपदी मुर्मू ने भुवनेश्वर स्थित रमादेवी महिला कॉलेज से स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक शिक्षक के…
हिमालय में साधनारत सन्त हरिहरानन्द भारती
डॉ योगेश धस्माना गढ़वाल हिमालय सदियों से अपनी आध्यात्मिक चेतना के कारण सन्त-महात्माओं के लिए त्याग-तपस्या साधना और ध्यान का केन्द्र रहा है। गढ़वाल की ऋषि परम्परा में एक ऐसा ही एक व्यक्तित्व स्वनाम धन्य वाचस्पति धस्माना (स्वामी हरिहरानन्द भारती)…
लोकतंत्र का वो काला दौर
अश्विनी कुमार चौबे केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री जब आपातकाल के दिनों को याद करता हूँ, तो बहुत सी स्मृतियाँ मानस पटल पर आकर खड़ी हो जाती हैं। जेपी की एक…
अग्नि वीर के विरोध के नाम पर आगजनी देश विरोधी
नीरव समदर्शी अग्नि वीर के विरोध के नाम पर हंगामा ट्रेंनो को जलाना सिर्फ राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान नही बल्कि देश की’ समाज की ,बेहतरी सुव्यवस्थित और विकसित होने की अभूतपूर्व सम्भावना का विरोध है। अग्निपथ योजना को सत्ता और…
अब हम सब एक हैं, स्वर्ण मंदिर हो, ज्ञानवापी मस्जिद हो, चारमीनार हो, ताजमहल हो ये सब हमारे देश की शान है, धरोहर हैं
कविता नारायण आजकल अखबार का पन्ना खोलें या टीवी का न्यूज सब जगह मंदिर-मस्जिद, भोले भगवान का अपमान, पैगंबर साहब का अपमान। पता नहीं क्या हो गया है इन्हें। क्या इनके भगवान और इनके पैगंबर ने इन्हें लड़ने झगड़ने और…
कबीर संगति साधु की, जो करि जाने कोय….
डॉ ध्रुव कुमार गंगा किनारे वाराणसी की पावन भूमि पर आज से लगभग सवा 600 साल पहले लहरतारा ग्राम के निकट कबीर का प्राकट्य हुआ माना जाता है I कहा तो यह भी जाता है कि एक जुलाहे दंपत्ति ने…










