युवा लेखिका नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ की पुस्तक ‘छंटते हुए चावल’ पुरस्कृत
पटना डेस्क (मालंच नई सुबह):18/09/2021! हिंदी और भोजपुरी की लेखिका नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ के दूसरे कथा संग्रह ‘छंटते हुए चावल’ को मथुरा उ. प्र. की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था तुलसी साहित्य – संस्कृति अकादमी न्यास के तहत श्रीमती सरला देवी दीक्षित…
रात चाँद हथेली पर
प्रियांशु त्रिपाठी फिर एक रात चाँद हथेली पर रखकर माँगा है सिर्फ तुमको ही उन टूटे तारों से आज भी कल की ही तरह देखो, क्या मन्नत पूरी होती है या ये भी बनकर रह जायेगा महज़ ख़्वाब का इक…
चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर जुमलेबाजी का दौर
आज के इस तकनीकी युग में जहाँ सोशल मीडिया आप के जीवन में बहुत महत्व रखता है । उस सोशल मीडिया पर लोकतंत्र का असर होना लाज़मी है पर जिस तरीके की राजनीति सोशल मीडिया पर दिखाई देर रही ये…
“सिर्फ अधिकारों का ही नहीं,कर्त्तव्यों की भी पहचान करें”
बजरंग लाल केजडी़वाल ‘संतुष्ट’तिनसुकिया, असम कष्ट झेल स्वतंत्र हुए पाया निज गौरवबेड़ियों से मुक्ति पा मानवता मुस्कुराई। अपना संविधान बना अधिकार कर्तव्य तय किए देश गणराज्य बना जग में नई पहचान पाई। हम सब एक हुए अब एक निशान एक…
वाजा इंडिया बिहार की महिला इकाई की प्रथम बैठक
पटना/प्रतिनिधि (मालंच नई सुबह)पटना बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में लेखकों और पत्रकारों के साझा मंच राइटर एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन वाजिया इंडिया की बिहार प्रदेश की महिला इकाई की प्रथम बैठक 8 सितंबर को संपन्न हुई।प्रोफेसर भूपेंद्र कलसी की अध्यक्षता में…
अंतर्दृष्टि के व्यापक कैनवास पर चित्रित है, रशीद … गौरी की कलाकृतियां !”: सिद्धेश्वर
पटना 07/09/2021 ! ” जीवन के विविध प्रसंगों को अभिव्यक्त करने में रशीद गौरी की कलाकृतियां, पूर्णत: सक्षम है, इसमें कोई दो मत हो ही नहीं सकता l साहित्य के इतिहास में,रशीद गौरी एक अमिट हस्ताक्षर के रूप में अंकित…
संवेदनशील और संभावनावान कवि हैं रजनीश कुमार गौरव, पहली काव्य-कृति ‘हमें भी कुछ कहना है’ का हुआ लोकार्पण
पटनाप्रतिनिधि (मालंच नई सुबह) ७ सितम्बर। हिन्दी और भोजपुरी के युवा साहित्यकार रजनीश कुमार गौरव, कोमल भावनाओं से युक्त एक संवेदनशील और संभावनावान सुकवि हैं। इनकी प्रथम काव्य-कृति ने ही सिद्ध कर दिया है कि कवि की भावभूमि व्यापक और…
गुरु पर दोहे—-
—-मधु रानी लाल गुरु की महिमा क्या कहूँ, गुरु तो ईश समान | प्रखर सूर्य सम तेज है, गरिमा बहुत महान || गुरु ही हैं इंसान के, ज्ञान – रूप संसार | निज अनुभव के ज्ञान से, दूर करें …











