सबका मालिक एक
सबका मालिक एक –ऋचा वर्मा मैं कभी राम बनता, कभी बनता रहमान, कभी खुदा कह पुकार लो, कभी कृष्ण का दे दो नाम । ऊपर से सब आतें हैं बन के बस मानव, धरती पर अपने कुकर्मों से कहलातें हैं…
-सुनी आँखें
—डॉ पुष्पा जमुआर-पटना जाने कहाँ गुम हो गये रेशमी रास्ते? जिस पर चल कर बचपन का दिन गुजारा ! जाने कहाँ गुम हो गई? रेशमी रास्ते जिस पर दौड़ती रही जवानी कीबाँहें••••• जाने कहाँ गुम हो गई वो रेशमी रास्ते…
वह सम्मान करती है
——-डा.सीमा रानी वह सम्मान करती है आत्म सम्मान रखती है हर बात मान नहीं लेती मान रखती है फर्क पता है उसे सही गलत में तभी तो फंस जाती है कांटा बनके हलक में उसे सूझता है साफ-साफ किधर है…
– ‘नई धारा’ के वर्ष- 2021 के पुरस्कारों की घोषणा
पटना । 1950 से निरंतर प्रकाशित हो रही चर्चित साहित्यिक पत्रिका ‘नई धारा’ ने 2021 के लिए अपने पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। वर्ष 2021 का पन्द्रहवां ‘उदयराज सिंह स्मृति सम्मान’ प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती सूर्यबाला को दिया जाएगा, जिसके…
दिल वालों की दिल्ली में बंजारें
प्रियांशु त्रिपाठी पसीने से भींगे कपड़े पहने, पीठ पर सामान का बोझ लिए, आँखों में कुछ सपने छिपाये, कंधों पर जिम्मेदारी सजाये और दिल में थोड़ी उम्मीद लिए कुछ मुसाफ़िर राजधानी दिल्ली में कदम रखते हैं, शहर अंजान नहीं था…
तुम्हारा होना
तुम्हारा होना सलिल सरोज नई दिल्ली मेरे ना होने से तुम्हारा होना कैसे हो जाएगा देखें , बग़ैर आँखों के रोना कैसे…
राष्ट्रीय कवि संगम पटना जिला इकाई द्वारा सम्मान समारोह सह कवि समेलन का आयोजन
पटना डेस्क (मालंच नई सुबह ) स्थानीय मिलेनियम वर्ल्ड स्कूल में आज सम्पन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप वैष्णवी एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्यानंद सिंह उपस्थित थें जिनके द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई ।…
” पुरोधा की भूमिका का निर्वाह किया है राष्ट्रकवि दिनकर ने ! ” : आराधना प्रसाद
पटना डेस्क (मालंच नई सुबह ) पटना :27/09/2021! ” राजनीति जब डगमगाती है, तब साहित्य उसे संभाल लेती है ! साहित्य की इस प्रासंगिकता को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर बखूबी समझते थे ! शायद, यही कारण था कि उन्होंने सौंदर्यशास्त्र…
इसी का नाम ज़िंदगी
——प्रियांशु त्रिपाठी पापा की थाली में हैं कम दो रोटी चॉकलेट भी अब कम खाती छोटी माँ ने तीज में नई साड़ी भी ना ली बेटे ने जो अपनी लैपटॉप बना ली कल फिर उसे जो बहाने पसीना क़स्बे से…










