मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

साहित्य

ज़िंदगी

–प्रियांशु त्रिपाठी ज़िंदगी फ़ुरसत ना मिले फिर भी अपना ख़्याल रखना और हर रोज़ बेहतर होने की ख़ातिर दिल में बस एक सवाल रखना कि कल सुबह मेरी ज़िंदगी में क्यों हो? क्या मक़सद हो कल उठने का? जवाब मिले…

पापा तेरे जाने के बाद

 –अनिल रश्मि मैं नन्हीं सी ,प्यारी सी बेज़ुबान , “परी ” रोती है़ पा ss पा ss तेरे जाने के बाद …। जब मैं सो रही होती हुँ , तुम मुझे छोड़ चल देते हो , मेरे काँपते हुए होंठ…

साहित्यकार वृंदावन लाल वर्मा की जयंती समारोह का किया गया आयोजन

फारबिसगंज अररिया:-/प्रतिनिधि (मालंच नई सुबह)फारबिसगंज पंचवटी साहित्य मंच के द्वारा महान साहित्यकार  वृंदावन लाल वर्मा की जयंती कवि सुरेश कंठ जी के निजी निवास पर रविवार को मनाई गई ।  इनका जन्म 9 जनवरी 1889 में मऊरानीपुर उत्तर प्रदेश में…

स्तुत्य है बाल-साहित्य में रेखा भारती मिश्र का योगदानभारती के तीन काव्य-संग्रहों का हुआ लोकार्पण, जयंती पर याद किए गए शाद अजीमाबादी

पटना डेस्क (मालंच नई सुबह) पटना, ८ जनवरी। बाल-साहित्य में हिन्दी के लेखकों की स्याही निरंतर कम होती जा रही है। हिन्दी में इसे एक बड़े अभाव के रूप में देखा जा रहा है। बहुत थोड़े से रचनाकार इस दिशा…

मुग़लसराय के रंग महोत्वसव कार्यक्रम में सम्मानित हुए बिहार के राधेकृष्ण पाण्डे एवं अशोक सिंघल

पटना डेस्क (मालंच नई सुबह) पिछले दिनों मुगलसराय में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम रंग महोत्सव मनाया गया| यह कार्यक्रम नव वर्ष के उपलक्ष में मनाया गया |जिसमें विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने आकर अपने-अपने कला प्रदर्शन किया| मुगलसराय रंग महोत्सव…

साहित्य

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः

कुमार संदीप मुजफ्फरपुर आज आलेख की शुरुआत मैं संस्कृत के एक श्लोक के साथ करना चाहूंगा, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”। इस श्लोक का भावार्थ है जहाँ नारियों की पूजा की जाती है वहीं पर देवता भी निवास करते…

साहित्य

मेरा गाँव

        मेरा गाँव कुमारी ईला कृति कहाँ गई वो आम की डाली, कहाँ गए वो झूले | कहाँ गए वो ताल- तलैया, और गाँव के मेले | चुनमुन,राधा,श्याम और भोला ,अब लुका- छुपी न खेले | कहाँ…

हमारी सृजनशीलता को एक नया आयाम देने की कोशिश करता है, नए वर्ष का संकल्प !”: सिद्धेश्वर

 पटना डेस्क (मालंच नयी सुबह) 29/12/2021 !”  हर बाधा से तुरंत निवारण, रेत -धूल- कंकड़ -पत्थर, सब  सोना कर दूंगी !, जादूगरनी हूं मैं, जादू टोना कर दूंगी, आसमान के सूरज को भी  बौना कर दूंगी !”  गाजियाबाद की कवयित्री…

जन्म के समय ईसा मसीह का नाम एमानुएल था और इस शब्द का अभिप्राय मुक्ति प्रदान करने से है ::

जितेन्द्र कुमार सिन्हा विभिन्न धर्म के लोग भारत में रहते हैं, जिनमें हिन्द, मुस्लिम, सिख,  ईसाई और बौद्ध प्रमुख है।  यही कारण है कि सभी तरह के पर्व, धर्म निरपेक्ष भारत में  मनाया जाता हैं। ईसाई धर्म के लोगों का…

माँ

उस बुजुर्ग महिला को फर्श पर पोछा लगाते देख मेरे मन के भीतर एक अजीब सी सिहरन और दर्द का ज्वार-भाटा उत्पन्न हो रहा था। वह खांस भी रही थी और अपना काम भी कर रही थी।तभी भीतर से तेज…

श्रद्धांजलि

 श्रद्धांजलि  —डाॅ पुष्पा जमुआर,पटना   सुहाना सफर जीवन डगर चलते-चलते वीर जवान अमर हुए चुनाव किऐ कर्तव्य पथ हुए समर्पित भारत के सपुत शत-शत नमन है तुम्हें

सास भी माँ बन सकती है

सास भी माँ बन सकती है निक्की शर्मा ‘रश्मि’ प्रमिला ..ले बेटा कुछ खा ले फिर गरमा गरम चाय बनाती हूंँ।सास बहू दोनों मिलकर पिएंगे। नहीं… मन नहीं है माँ। अरे… मन नहीं तो क्या ले तेरे लिए चटपटी सेव…