पक्षपातपूर्ण निर्णयों को भी वाजिब ठहराने में माहिर खिलाड़ी—नीतीश कुमार
——-नीरव समदर्शी भागलपुर में हाल ही में अडानी ग्रुप को एक रुपये वार्षिक लीज पर 1050 एकड़ जमीन देने का मामला जबरदस्त विवाद का कारण बना। अब इसी कड़ी में बिहार सरकार ने रोजगार सृजन और बड़े पैमाने पर…
गृहमंत्रालय दे देना नीतीश की हार या दूरगामी रणनीति ?
——-नीरव समदर्शी जब गृह मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सौंप दी जाती है और यदि विधानसभा अध्यक्ष का पद नीतीश कुमार के पास ही रहता है — तो इसे सरल रूप से हार या जीत…
गृह मंत्रालय छोडना और बार बार प्रधानमंत्री का चरण स्पर्श करणा- नीतीश का दबाव की राजनीति का शिकार होना या पल्टीमार रणनीति से ध्यान भटकाना है।
नीीव समदर्शी नीतीश अभी पूरी तरह मोल-भाव की स्थिति में हैं। भाजपा अगर अधिक परेशान करेगी तो वह आसानी से महागठबंधन के साथ मिलकर केंद्र सरकार को न सिर्फ गिरा सकते हैं बल्कि वैकल्पिक सरकार भी बना सकते हैं। क्योंकि…
नीतीश–शाह के बीच ‘पहले खेला’ की राजनीति और बदलती राष्ट्रीय दिशा
——-नीरव समदर्शी बिहार की राजनीति इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ हर चाल सिर्फ पटना ही नहीं, दिल्ली की सत्ता–गणित को भी हिला सकती है। ध्यान देने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि जदयू को छोड़कर…
क्षितिज लघुकथा समालोचना सम्मान -2025 से डॉ ध्रुव सम्मानित
पटना डेस्क (मालंच नई सुबह )। लघुकथा साहित्य के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर एवं समीक्षक डॉ ध्रुव कुमार को इंदौर, मध्यप्रदेश में क्षितिज लघुकथा समालोचना सम्मान -2025 से सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति सभागार में…
यूक्रेन युद्ध से वैश्विक संकट की आहट तबाही सन्निकट
संजीव ठाकुर रायपुर (छत्तीसगढ़) रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल दो देशों का संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि यह सम्पूर्ण विश्व के लिए संभावित विनाश का संकेत बन चुका है। यह युद्ध आधुनिक सभ्यता के सामने एक ऐसी चुनौती प्रस्तुत कर…
क्या बिहार में कांग्रेस कभी स्वयं उभरेगी?
संजीव कुमार पटना कांग्रेस का सूरज कभी अस्त नहीं होता था। बिहार में एक कहावत थी कि राज करना कांग्रेस जानती है। लेकिन गत 35 वर्षों से कांग्रेस का बिहार में सिराजा बिखर गया है। महागठबंधन में कांग्रेस एक- एक…
“जूता, न्याय और जनविश्वास: क्या संविधान की अंतिम उम्मीद भी संकट में है?”
नीीव समदर्शी देश की सर्वोच्च अदालत में जो दृश्य देखने को मिला, वह भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए गहरी चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति इसके पूर्व कभी आपातकाल मे भी नही देखी गई। जिस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले…
भारत बना विश्व बैंक का सबसे बडा कर्जदार यह गौरव की बात या लाचार और लचर अर्थ व्यवस्था ….
नीरव समदर्शी भारत हाल ही में विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार देश बन गया है। आदतन सत्ता समर्थक लोग सोशल मीडिया पर इसे भी देश का गौरब बढना बता रहे है ।तर्क यह दिया जा रहा है कि कर्ज…
आध्यात्मिक चेतना से विश्व को एक सूत्र में पिरोना चाहते थे सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन
डॉ ध्रुव कुमार पटना विश्व के अशांतिमय जीवन को आध्यात्मिक चेतना द्वारा समृद्धिशाली बनाने की दिली चाहत रखने वाले सर्वपल्ली राधाकृष्णन दुनिया के आधुनिक दार्शनिकों में अपना सर्वश्रेष्ठ स्थान सुनिश्चित करते हैं I उनका मानना था कि ईश्वर सत, चित्त…
शिक्षा का बाज़ारीकरण, सरकारी उपेक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में लगातार कमी
— नीरव समदर्शी प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को हम बड़े गर्व से शिक्षक दिवस मनाते हैं—महान शिक्षाविद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में। पर यह दिन भी अब 15 अगस्त और 26 जनवरी की तरह…
“माँ का अपमान” विवाद— सवालों के घेरे में सियासी तूफ़ान
——- नीरव समदर्शी भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ महिला सम्मान को पारिवारिक और सामाजिक प्रतिष्ठा का आधार माना जाता है। गांव–कस्बों से लेकर महानगरों तक, किसी भी परिवार की स्त्री पर आंच आने को लोग…








