मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

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गीत मेरे नाम के लिखना सनम

——राजकान्ता राज गीत मेरे नाम के लिखना सनम शायरी को पुर-अदब पढ़ना सनम मैं लिखूं ग़ज़लें तुम्हारे वस्ल की छेड़ दूं जब तान तुम सुनना सनम मैं बनूंगी ताल – सुर, संगम सभी महफ़िलों की शान तुम बनना सनम ज़िंदगी…

जीवन धन बिटिया

—इन्दु उपाध्याय तुम स्वतंत्र हो बिटिया,सबका जीवन धन यंत्र हो। तुम सौभाग्य के कपाल पर,लिखा का सुख मंत्र हो। सबके लिये शीतल बयार हो,ज़िन्दगी की मधुर ताल हो। मन की बगिया के मधु से सिंचित-सी,प्यारी कविता हो। जीवन के धूप…

अग्नि वीर के विरोध के नाम पर आगजनी देश विरोधी

नीरव समदर्शी अग्नि वीर के विरोध के नाम पर हंगामा ट्रेंनो को जलाना सिर्फ राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान नही बल्कि देश की’ समाज की ,बेहतरी सुव्यवस्थित  और विकसित होने की अभूतपूर्व सम्भावना का विरोध है। अग्निपथ योजना को सत्ता और…

बाबूजी

—प्रिया सिंह लखनऊ उत्तर प्रदेश तुम्हारे रास्ते से ज़िन्दगी आबाद बाबूजी। इसी दर्जा मिरी करते रहें इमदाद बाबूजी।। मिरे जीवन में उन का मर्तबा इतना मुक़द्दस है, ख़ुदा सब से है आला और ख़ुदा के बाद बाबूजी।। मुसीबत से हमेशा…

अद्भुत और विरल व्यक्तित्व के धनी थे डॉक्टर रमेश नारायण दास

नीरव समदर्शी डॉक्टर रमेश नारायण दास मैथली के साहित्यकार और ए0एन0 कॉलेज के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष थे।उनकी मैथली कथा संग्रह पाथरक नाव और उज्जर सपेत ग्राम्य जीवन पर आधारित है।आज मैं पितृ दिवस के अवसर पर उनके साहित्यिक…

अब हम सब एक हैं, स्वर्ण मंदिर हो, ज्ञानवापी मस्जिद हो, चारमीनार हो, ताजमहल हो ये सब हमारे देश की शान है, धरोहर हैं

कविता नारायण आजकल अखबार का पन्ना खोलें या टीवी का न्यूज सब जगह मंदिर-मस्जिद, भोले भगवान का अपमान, पैगंबर साहब का अपमान। पता नहीं क्या हो गया है इन्हें। क्या इनके भगवान और इनके पैगंबर ने इन्हें लड़ने झगड़ने और…

अग्निपथ की अग्नि में जलता रहा बिहार मौन रहे मुखिया, NDA में मतभेद बढ़ा, BJP के संजय जायसवाल के आरोपों पर JDU के ललन सिंह का पलटवार

पटना डेस्क मालंच नई सुबह, प्रधानमंत्री के द्वारा अग्नीपथ योजना की घोषणा के साथ ही युवाओं का आक्रोश जो शुरू हुआ तो जगह जगह दंगे, फसाद, हिंसा उपद्रव अगजनी, बीजेपी कार्यालय में तोड़फोड़, तथा बीजेपी नेताओं पर हमला आदि का…

कबीर संगति साधु की, जो करि जाने कोय….

डॉ ध्रुव कुमार गंगा किनारे वाराणसी की पावन भूमि पर आज से लगभग सवा 600 साल पहले लहरतारा ग्राम के निकट कबीर का प्राकट्य हुआ माना जाता है I कहा तो यह भी जाता है कि एक जुलाहे दंपत्ति ने…