मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

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अनोखा उपहार

माधुरी भट्ट सुमित्रा तीन दिन से लगातार डाकिया का इंतज़ार कर रही थी। साहित्यप्रेमी सुमित्रा की हर माह तीन-चार पत्रिकाएँ कुछ- कुछ दिनों के अंतराल पर आती रहती हैं, जिसमें उनकी भी रचनाएँ शामिल रहती हैं।डाकिया भी उनसे ख़ूब घुलमिल…

सम्पादकीय

युगपुरुष कथासम्राट निःस्वार्थ साहित्यसेवी,बेहतरीन समाज सुधारक, अत्यनत स्वाभिमानी, निर्विकार व्यक्तित्व,तथा बेखौफ पत्रकार,संतपुरुष मुंशी प्रेमचंद

नमन करता हु उस युगपुरुष कथासम्राट निःस्वार्थ साहित्यसेवी,बेहतरीन समाज सुधारक, अत्यनत स्वाभिमानी, निर्विकार व्यक्तित्व,तथा बेखौफ पत्रकार,संतपुरुष मुंशी प्रेमचंद को। मुंशी प्रेमचंद का मैं बहुत बड़ा प्रशंसक तो अपने स्कूल के दिनों से ही था जब मैं उनकी कहानी नमक का…