मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

साहित्य

गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ से अलंकृत हुए नीरव समदर्शी

पटना /प्रतिनिधि/जितेन्द्र कुमार सिन्हा,  (मालंच नई सुबह,) पटना स्थित हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ और कवि विजय समरेश की जयंती के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य और पत्रकारिता…

नहीं रहे वयोवृद्ध शिक्षाविद् और साहित्यकार डा कैलाश प्रसाद सिंह

93 वर्ष की आयु में हुआ निधन, साहित्य सम्मेलन ने गहरा शोक-व्यक्त किया पटना/(मालंच नई सुबह), 2 जनवरी। संस्कृत, हिन्दी और मैथिली भाषाओं के सुप्रसिद्ध विद्वान और कवि डा कैलाश प्रसाद सिंह नहीं रहे। 93 वर्ष की आयु में गुरुवार…

बिरला फ़ाउंडेशन के ‘सरस्वती-सम्मान’ की चयन समिति के सदस्य बनाए गए डा अनिल सुलभ

पूर्वी क्षेत्र समिति के अध्यक्ष भी होंगे, साहित्यकारों ने दी बधाई पटना/प्रतिनिधि ( मालंच नई सुबह) १ जनवरी । के के बिरला फ़ाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष भारत के किसी एक साहित्यकार को दिए जाने वाले पंद्रह लाख रूपए की राशि वाले…

सतीशराज पुष्करणा को समर्पित द्विदिवसीय 30वाँ लघुकथा -सम्मेलन संपन्न

पटना / प्रतिनिधि मालंच नई सुबह,)   पटना। अखिल भारतीय प्रगतिशील लघुकथा-मंच का बहुप्रतीक्षित 30वाँ संस्करण लघुकथा 27- 28 दिसंबर को पटना के राजेंद्र नगर स्थित किलकारी बिहार बाल-भवन में संपन्न हुआ। लघुकथा मंच के संस्थापक एवं अपने अभूतपूर्व प्रयासों से…

*नए साल का एहसास*

डॉ.अर्चना त्रिपाठी सहायक प्राध्यापक (हिंदी)पटना पटना  बिहार जीवन के स्टेशन से मानो आहिस्ता आहिस्ता   सांस की रेल खिसक रही   इस वर्ष का वक्त वैसे ही सरक रहा था   नए वर्ष के आने की आहट   हौले हौले…

भारत का नववर्ष : 1 जनवरी नहीं, अपितु चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र सिवान (बिहार) राष्ट्रीय अध्यक्ष — माँ शारदा वेलफेयर सोसाइटी प्रस्तावना : भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं का संकलन नहीं, बल्कि समय, प्रकृति और चेतना के सूक्ष्म सामंजस्य पर आधारित एक सुव्यवस्थित जीवन-दर्शन है। इसी दर्शन का एक…

नया वर्ष: उम्मीदों की नई सुबह

बीते साल से सबक लेकर भविष्य की ओर बढ़ने का समय पुराना वर्ष अपने साथ कई अनुभव, चुनौतियाँ और सीखें छोड़ गया। अब उन पर अधिक ठहरने का कोई कारण नहीं। नया वर्ष अपने साथ नई संभावनाओं की किरणें लेकर…

हिन्दी देश की किसी भी दूसरी भाषा का नहीं, केवल अंग्रेज़ी का स्थान चाहती है

  साहित्य सम्मेलन के ४४ वें महाधिवेशन के समापन पर साहित्यकारों ने कहा पचास साहित्यकारों का किया गया सम्मान, हुआ विराट कवि-सम्मेलन   पटना/प्रतिनिधि (मालंच नई सुबह )पटना  २१ दिसम्बर। हिन्दी देश के किसी भी दूसरी भाषा का नहीं, केवल…

पूरे देश से संवाद और एकता के लिए हिन्दी का प्रसार आवश्यक : राज्यपाल

साहित्य सम्मेलन के दो दिवसीय ४४ वें महाधिवेशन का हुआ उद्घाटन,,सम्मेलन की उच्च उपाधि ‘विद्या वारिधि’ से सम्मानित हुए आरिफ़ मोहम्मद खान, वरिष्ठ लेखिका किरण सिंह, ए आर आज़ाद तथा जंग बहादुर पाण्डेय की पुस्तकों और ‘सम्मेलन साहित्य’ के महाधिवेशन…

डा राजवर्धन आज़ाद की अध्यक्षता में साहित्य सम्मेलन के ४४ वें महाधिवेशन की गठित हुई स्वागत समिति

  पटना/प्रतिनिधि(मालंच नई सुबह)पटना।२५ नवम्बर। आगामी २०-२१ दिसम्बर, २०२५ को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, आहूत हो रहे सम्मेलन के ४४ वें महाधिवेशन की स्वागत समिति का गठन किया गया है। सम्मेलन की विगत कार्य समिति की बैठक में लिए…

भाषा के छात्र-छात्राओं ने साहित्य सम्मेलन में पूरा किया विशेष इंटर्नशिप

सीखे पुस्तकों का रखाव करना और कैसे करेंगे साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन पटना/प्रतिनिधि(मालंच नई सुबह)पटना।19 नवम्बर। बी डी कौलेज, मीठापुर के साहित्य के छात्र-छात्राओं ने बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में अपना विशेष इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम विगत संध्या पूरा कर लिया।…

साहित्य की अत्यंत लोकप्रिय विधा है ललित-निबन्ध : आलोक राज

हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता, पटना / प्रतिनिधि (/मालंच नई सुबह,) पटना, ५सितम्बर । अच्छे निबन्ध न केवल पाठकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि सुधी पाठकों को चिंतन के लिए भी विवश करते हैं।…