मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

Maalanch Nayi Subah

नई माँ

प्रियंका त्रिवेदी बक्सर-बिहार “मृत्यु से जूझती अदिति किसी तरह हॉस्पिटल पहुंची। उसके पति और सास उसके पीछे दौड़ते हुए आ रहें थे, पर अदिति ऑपरेशन रूम में अंदर जातें जातें भी सिर्फ अपने 9 साल के मासूम बच्चे आरूष को…

यू पी एस सी रिजल्ट में मधेपुरा की अंकित अग्रवाल रही दूसारी रैंक पर,3परीक्षार्थीयों ने टॉप10 में जगह बनाया,कुल 50 से अधिक परीक्षार्थियों ने सफल होकर बिहार का मान बढ़ाया

पटना डेस्क मालंच नई सुबहयू पी एस सी रिजल्ट में मधेपुरा की अंकित अग्रवाल रही दूसारी रैंक पर,3परीक्षार्थीयों ने टॉप10 में जगह बनाया,कुल 50 से अधिक परीक्षार्थियों ने सफल होकर बिहार का मान बढ़ाया बता दें कि हर साल लाखों…

सागरिका राय की कविताएँ मर्म-स्पर्शी शब्द-पुष्प गढ़ती हैं / साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘अनहद स्वर’ का हुआ लोकार्पण

पटना ।प्रतिनिधि(मालंच नई सह)पटना, ३० मई। गम्भीर लेखन के लिए चर्चित विदुषी साहित्यकार सागरिका राय, भाव-संपदा और काव्य-कल्पनाओं से समृद्ध एक अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री हैं। इनका ‘भाव-कोश’ ज्ञान और प्रज्ञा के अजस्र स्रोत से समृद्ध हुआ है। इसीलिए इनकी कोमल-भावनाएँ,…

जन-कल्याणकारी नेतृत्व के आठ वर्ष

  अश्विनी कुमार चौबे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का पहला कर्तव्य यही होता है कि वह अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह हो, आम जनता के भरोसे पर खरा उतरे और मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि माननीय…

नारी

मरियम ट्रुथ नारी हूं मैं ख़ामोश रहूं मैं, तो सही हूं मैं बोली तो बदतमीज हूं मैं हां नारी हूं मैं घुघंट या पर्दा ना करू तो बदचलन हूं मैं कोई देखें गंदी निगाहों से हमें फिर भी गुनहगार हूं…

अधिक-अधिक संकट गहराया

              ———–हरिनारायण सिंह ‘हरि’ अधिक-अधिक संकट गहराया, दरवाजे पर युद्ध ताखे में बैठा चित्रों में अपना आहत बुद्ध सिर्फ किताबों में पढ़ते हैं,भाषण में चर्चा पर न समझने हेतु बुद्धि को करते हैं खर्चा…

ऐ अखिलेश , ऐ अखिलेश

दयानंद पांडेय बीते सवा पांच सालों से सत्ता से दूर होने की हताशा में  अखिलेश यादव ने अपनी  अभद्रता , बदमिजाजी और अहंकार का जो बांस का खूंटा गाड़ा है , उस बांस के खूंटे पर दौड़ कर बैठने के…

       कोई गाँधी बन पाता

                कोई गाँधी बन पाता                 – विनोद प्रसाद, जगदेव पथ, पटना बापू, तुम चुप क्यों हो ! तुम्हारी नज़रों के सामने ही गीता पर हाथ…