मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

Maalanch Nayi Subah

कबीर संगति साधु की, जो करि जाने कोय….

डॉ ध्रुव कुमार गंगा किनारे वाराणसी की पावन भूमि पर आज से लगभग सवा 600 साल पहले लहरतारा ग्राम के निकट कबीर का प्राकट्य हुआ माना जाता है I कहा तो यह भी जाता है कि एक जुलाहे दंपत्ति ने…

सम्पादकीय

विवादित बयान मुद्दा के बहाने सोशियल मीडिया को नियंत्रित करे सरकार …

नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी और भारत सरकार ने तुरंत  कार्यवाही करते हुए नूपुर शर्मा को बाहर का रास्ता दिखाय। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया। कानून अपना कार्य कर रही है बावजूद इसके पूरे…

हृदय की शल्य क्रिया हेतु छ: बच्चों सहित सरकारी वाहन को हरी झंडी दिखाकर अहमदाबाद रवाना किया गया

   पूर्वी चंपारण प्रतिनिधि मालंच नई सुबह, पूर्वीचंपारण जिलाधिकारी द्वारा पूर्वी चम्पारण के हृदय रोग छ: बच्चों को शल्य क्रिया हेतु वाहन को हरी झंडी दिखाकर अहमदाबाद रवाना किया गया । इस अवसर पर जिलधिकारी महोदय के साथ पूर्वी चंपारण…

साहित्य

नहीं रहे राष्ट्रभाषा प्रहरी नृपेंद्रनाथ गुप्त / साहित्य समाज में शोक की लहर

पटना/प्रतिनिधि(मालंच नई सुबह)पटना, १२ जून। ‘राष्ट्रभाषा-प्रहरी के रूप में समादृत हिन्दी के वयोवृद्ध साहित्य-सेवी, साहित्यिक त्रैमासिकी ‘भाषा भारती संवाद’ के प्रधान संपादक और बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष नृपेंद्रनाथ गुप्त नहीं रहे। रविवार के पूर्वाह्न दस बजे पटना…

भरगामा: कच्ची सड़क पर कीचड़ से मुक्ति के हर प्रयास विफल,गांववासी हो रहे परेशान

अररिया प्रतिनिधि मालंच नई सुबह)अररिया.बारिश में आना जाना भारी दूभरः ग्रामीण कुंदन यादव,सच्चिदानंद यादव,अमित यादव,मुकेश यादव,कारी यादव ने बताया बारिश में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि लोग अपना जरूरी काम करने के लिए भी गांव से…

सीमांचल

भरगामा: प्रशासन पर भारी अतिक्रमणकारी

अररिया प्रतिनिधि मालंच नई सुबहअररिया जिला के भरगामा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शंकरपुर में कमलेश्वरी सिंह के घर से लछहा नदी तक जाने वाली कच्ची सड़क पर प्रशासन पर अतिक्रमणकारी भारी पड़ रहे हैं। एक तरफ प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती…

प्रकृति और मानव

    राज प्रिया रानी बेमौसम बरस रही घटा घोर बरसात उकेर रही हजारों अनसुलझे सवाल मानवता का क्षरण कस रहा है जाल भौगौलिक संरक्षण में बुन गया जंजाल बेकाबू में धरती का प्रदूषण नियंत्रण क्षरण हरण हुआ धरा का…

मुझे टूटना ही होगा…

—–नीरव समदर्शी जानता हूँ मैं कि जो झुकता नहीं है वह टूट जाता है| जानता हूँ मैं जो जितना झुकता है उतना ही उठता है मगर क्या करूं मैं अपनी इस रीढ़ की हड्डी का, जो लोहे सा सख्त है|…