मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

Maalanch Nayi Subah

देश में छोड़ने की गौरवशाली परंपरा (व्यंग)

देश में छोड़ने की गौरवशाली परंपरा (व्यंग) रेखा शाह बलिया (यूपी)   मध्यप्रदेश के  जंगल में जब जबसे चीते छोड़े गए हैं देश की जनता, सोशल मीडिया अन्य  फलाना- ढिमकाना मीडिया सभी  इन चीतो के पुराण गाये जा रहे  हैं,…

“रामधारी सिंह “दिनकर”की काव्यगत विशेषताएँ”

“रामधारी सिंह “दिनकर”की काव्यगत विशेषताएँ” अर्चना अनुप्रिया  स्वतंत्रता से पहले एक विद्रोही कवि और स्वतंत्रता के उपरांत एक राष्ट्रकवि के रूप में स्थापित माने जाने वाले रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि, लेखक और निबंधकार हैं।जहाँ उनकी कविताएँ…

मजबूर

मजबूर मेरी यादाश्त बहुत कमजोर हो गई है, न जाने क्यों? अपने अतीत से एक पल तक नहीं खोज पा रहा हूँ , मैं जब उसे भूल पाया हूँ। जबकि है मालूम मुझे उसे याद रखना अधिक पीड़ादायक है भूलने…

जीवन को सफल बनाने के लिए शिक्षा की जरुरत है या डिग्री की।

जीवन को सफल बनाने के लिए शिक्षा की जरुरत है या डिग्री की ऋचा वर्मा पटना  “जीवन को सफल बनाने के लिए शिक्षा की जरूरत है ,डिग्री की नहीं। हमारी डिग्री है -हमारा सेवा भाव ,हमारी नम्रता, हमारे जीवन के…

साहित्य

अब बस हिंदी

अब बस हिंदी      __ सागरिका रॉय हिन्द देश में हिंदी को , उचित मान दिलाने को, आज भी प्रयत्न जारी है, क्या कहें ,कैसे कहें कि, मातृभूमि की अपनी भाषा ही, संस्कृति का सच्चा प्रभारी है। शिशु पोषण हेतु…

हिन्दी

 हिन्दी   माधुरी भट्ट मातृभाषा हिंदी, राजभाषा हिन्दी फिर भी, राष्ट्रभाषा बनने के लिए पलकें बिछाए राह में खड़ी! हाँ !मैं हिन्दी हूँ, सरल,सरस प्रेम से पगी,मधुरस छलकाती, करुणा बरसाती,मन से  मन के तार मिलाती, फिर क्यों हुई विरक्ति मुझसे,…