मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

Maalanch Nayi Subah

डा राजवर्धन आज़ाद की अध्यक्षता में साहित्य सम्मेलन के ४४ वें महाधिवेशन की गठित हुई स्वागत समिति

  पटना/प्रतिनिधि(मालंच नई सुबह)पटना।२५ नवम्बर। आगामी २०-२१ दिसम्बर, २०२५ को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, आहूत हो रहे सम्मेलन के ४४ वें महाधिवेशन की स्वागत समिति का गठन किया गया है। सम्मेलन की विगत कार्य समिति की बैठक में लिए…

गृहमंत्रालय दे देना नीतीश की हार या दूरगामी रणनीति ?

       ——-नीरव समदर्शी जब गृह मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सौंप दी जाती है और यदि विधानसभा अध्यक्ष का पद नीतीश कुमार के पास ही रहता है — तो इसे सरल रूप से हार या जीत…

गृह मंत्रालय छोडना और बार बार प्रधानमंत्री का चरण स्पर्श करणा- नीतीश का दबाव की राजनीति का शिकार होना या पल्टीमार रणनीति से ध्यान भटकाना है।

नीीव समदर्शी नीतीश अभी पूरी तरह मोल-भाव की स्थिति में हैं। भाजपा अगर अधिक परेशान करेगी तो वह आसानी से महागठबंधन के साथ मिलकर केंद्र सरकार को न सिर्फ गिरा सकते हैं बल्कि वैकल्पिक सरकार भी बना सकते हैं। क्योंकि…

नीतीश–शाह के बीच ‘पहले खेला’ की राजनीति और बदलती राष्ट्रीय दिशा

       ——-नीरव समदर्शी बिहार की राजनीति इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ हर चाल सिर्फ पटना ही नहीं, दिल्ली की सत्ता–गणित को भी हिला सकती है। ध्यान देने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि जदयू को छोड़कर…

भाषा के छात्र-छात्राओं ने साहित्य सम्मेलन में पूरा किया विशेष इंटर्नशिप

सीखे पुस्तकों का रखाव करना और कैसे करेंगे साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन पटना/प्रतिनिधि(मालंच नई सुबह)पटना।19 नवम्बर। बी डी कौलेज, मीठापुर के साहित्य के छात्र-छात्राओं ने बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में अपना विशेष इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम विगत संध्या पूरा कर लिया।…

other सम्पादकीय

क्षितिज लघुकथा समालोचना सम्मान -2025 से डॉ ध्रुव सम्मानित

पटना डेस्क (मालंच नई सुबह )। लघुकथा साहित्य के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर एवं समीक्षक डॉ ध्रुव कुमार को इंदौर, मध्यप्रदेश में क्षितिज लघुकथा समालोचना सम्मान -2025 से सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति सभागार में…

यूक्रेन युद्ध से वैश्विक संकट की आहट तबाही सन्निकट

संजीव ठाकुर रायपुर (छत्तीसगढ़) रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल दो देशों का संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि यह सम्पूर्ण विश्व के लिए संभावित विनाश का संकेत बन चुका है। यह युद्ध आधुनिक सभ्यता के सामने एक ऐसी चुनौती प्रस्तुत कर…

क्या बिहार में कांग्रेस कभी स्वयं उभरेगी?

संजीव कुमार पटना कांग्रेस का सूरज कभी अस्त नहीं होता था। बिहार में एक कहावत थी कि राज करना कांग्रेस जानती है। लेकिन गत 35 वर्षों से कांग्रेस का बिहार में सिराजा बिखर गया है। महागठबंधन में कांग्रेस एक- एक…

“जूता, न्याय और जनविश्वास: क्या संविधान की अंतिम उम्मीद भी संकट में है?”

नीीव समदर्शी देश की सर्वोच्च अदालत में जो दृश्य देखने को मिला, वह भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए गहरी चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति इसके पूर्व कभी आपातकाल मे भी नही देखी गई। जिस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले…

भारत बना विश्व बैंक का सबसे बडा कर्जदार यह गौरव की बात या लाचार और लचर अर्थ व्यवस्था ….

नीरव समदर्शी भारत हाल ही में विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार देश बन गया है। आदतन सत्ता समर्थक लोग सोशल मीडिया पर इसे भी देश का गौरब बढना बता रहे है ।तर्क यह दिया जा रहा है कि कर्ज…

पोस्टर निर्माण से लेकर समूह चर्चा तक छात्रों ने दिखाया बहु-अनुशासनात्मक कौशल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) प्रकोष्ठ ने कराया प्रतियोगिता का आयोजन

  पटना मालंच नई सुबह प्रतिनिधि, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के सभी स्नातकोत्तर एवं स्ववित्तपोषित विभागों के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता एवं…

साहित्य की अत्यंत लोकप्रिय विधा है ललित-निबन्ध : आलोक राज

हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता, पटना / प्रतिनिधि (/मालंच नई सुबह,) पटना, ५सितम्बर । अच्छे निबन्ध न केवल पाठकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि सुधी पाठकों को चिंतन के लिए भी विवश करते हैं।…