मां श्यामा मंदिर परिसर में अब मां श्यामा विश्राम घर के बाद मां श्यामा अतिथि भवन भी कार्यरत हो गया
दरभंगा/प्रतिनिधि/दीपक देव (मालंच नई सुबह)दरभंगा। मां श्यामा विश्राम भवन में जहां दूर दराज, ग्रामीण क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तजन रात्रि विश्राम कर पूजन कर सकें, वहीं अब मां श्यामा अतिथि भवन का भी शुभारंभ सांसद, राज्यसभा संजय कुमार झा ने इसमें प्रथम प्रवेश कर इसकी शुरुआत किया। दो वर्ष पहले तत्कालीन राज्यपाल महामहिम मां श्यामा मंदिर आए थे। तो उस समय इसकी कमी महसूस हुई थी परिसर में मुख्यमंत्री, मंत्री, महामहिम राज्यपाल इत्यादि के ठहरने लायक और सुरक्षा दृष्टिकोण से कोई भवन नहीं है। न्यास समिति की बैठक में इस पर मां श्यामा मन्दिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष डॉ जयशंकर झा के प्रस्ताव पर अध्यक्ष प्रो इस एम झा एवं तत्कालीन सचिव सह जिलाधिकारी राजीव,रौशन ने इसे आवश्यक बताते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। निर्मित भवन में ख्याल रखा गया है, बंदरों का भी प्रवेश नहीं हो और पूर्व से स्थित पेड़ को भी बरकरार रखा गया है। मां श्यामा भंसा घर के ऊपर निर्मित इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और पहला प्रवेश राज्यसभा सांसद, संजय कुमार झा ने सोमवार को किया। मौके पर उनका स्वागत किया मां श्यामा मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह पूर्व कुलपति ल.ना.मि.वि.वि., प्रो. सुरेंद्र मोहन झा (एस एम झा) प्रभारी सह सचिव मधुबाला सिन्हा,न्यासी अरुण कुमार गिरि ने। मौके पर मान श्यामा मंदिर से जुड़े सैंकड़ों लोग मौजूद रहे। मां श्यामा मंदिर न्यास के सचिव सह जिलाधिकारी कौशल कुमार पटना बैठक में थे। जिस कारण उनके प्रतिनिधि के रूप में ए डी एम, विधि व्यवस्था राकेश कुमार मौजूद रहे। उन्होंने जिला प्रशाशन की ओर से आगामी 7 एवं 8 मार्च को होनेवाले मां श्यामा महोत्सव में भी शामिल होने का निमंत्रण, सांसद, राज्यसभा को दिया। इससे पूर्व राज्यसभा सांसद ने सर्वप्रथम मां श्यामा मंदिर में विधिवत पूजन किया। पूजन उपरांत उद्घाटन के बाद उन्होंने 2012 ई में अपने एक्षिक कोष से निर्मित और उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटित मां श्यामा जानकी मिथिला भवन का भी निरीक्षण किया, जिसका सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण के संबंध में उन्होंने न्यास समिति सदस्यों से जानकारी ली और सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा इसे और सुसज्जित किया जाए। श्री झा ने कहा आने वाले दिनों में आगे का ख्याल रखिए और इस भवन में उपर प्राकृतिक रौशनी, हवा भी आए और जब जरूरत हो तो एयर कंडीशन, कूलर भी चले, यह व्यवस्था करें। उन्होंने कहा अभी वर्तमान में हमारी सरकार ने सोलर की व्यवस्था की है जिसके तहत ऊपर सोलर लगाने का भी प्रस्ताव दीजिए, यथासंभव सरकार स्तर से और अपने स्तर से भी वह मदद करेंगे। उन्होंने मां श्यामा जानकी विवाह भवन परिसर का भी निरीक्षण किया और बाहरी परिसर में उसे पूर्ण रूपेण फूल पौधा लगाकर इसे ग्रीन फील्ड करने का सुझाव दिया। भवन के बीच में खंबा में शीशा देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की और कहा यह जो भवन उस समय के तकनीक से बना था,शीशा लगने से यह खंभा अभिशाप से वरदान रूप में दिख रहा है, इसे मिथिला पेंटिंग से और सुसज्जित करवा अच्छा बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा 2011 में मैं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य के रूप में अपनी बात रखकर मां श्यामा मंदिर के प्रति आस्था तहत इस जगह को यह सोच रख दिलवाया था। इससे इस परिसर का विकास होगा और समय विधान पार्षद की अपनी एक करोड़ रु की संपूर्ण राशि इस भवन निर्माण हेतु दिया था, जिसके बाद यह परिसर एक अलग पहचान के रूप में दिखने लगा। उन्होंने जब जाना आज भी यह हॉल गरीबों के विवाह के लिए मात्र ₹11000 राशि में ही दी जाती है तो उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की और कहा गरीबों को ध्यान में रखकर ही इसका न्यूनतम दर रखा गया था। आज भी बी पी एल परिवारों को यह छूट दी जा रही है, यह वर्तमान न्याय समिति का गरीबों के प्रति उदारता दर्शाता है और उस समय 14 साल के बाद भी इसी दर पर गरीबों को यह मिल रहा है, यह बहुत प्रसन्नता की बात है। उन्होंने कहा इसमें अपने कोष और सरकार स्तर से जो भी मदद होगी वह करेंगे और मां श्यामा मंदिर परिसर को बृहत मां श्यामा धाम के रूप में बनाने में सबों के सहयोग से कोशिश जारी रहेगी। उन्होंने कहा खुशी इस बात की भी है कि वर्तमान न्यास समिति ने पिछले दो तीन वर्षों में धार्मिक गतिविधि के साथ सामाजिक सरोकार, गतिविधि में बढ़ोतरी की है और निर्माण, विकास, सुविधा में बढ़ोतरी, प्रगति हुई है। साथ ही भक्तों ने भी अपना आर्थिक योगदान बढ़ोतरी कर अपनी अटूट आस्था को मजबूत किया है। जिससे विकास, सुविधा के साथ मां श्यामा मंदिर न्यास समिति की आय भी बढ़ी है, यह खुशी की बात है।




