*नए साल का एहसास*
डॉ.अर्चना त्रिपाठी सहायक प्राध्यापक (हिंदी)पटना पटना बिहार जीवन के स्टेशन से मानो आहिस्ता आहिस्ता सांस की रेल खिसक रही इस वर्ष का वक्त वैसे ही सरक रहा था नए वर्ष के आने की आहट हौले हौले…
भारत का नववर्ष : 1 जनवरी नहीं, अपितु चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र सिवान (बिहार) राष्ट्रीय अध्यक्ष — माँ शारदा वेलफेयर सोसाइटी प्रस्तावना : भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं का संकलन नहीं, बल्कि समय, प्रकृति और चेतना के सूक्ष्म सामंजस्य पर आधारित एक सुव्यवस्थित जीवन-दर्शन है। इसी दर्शन का एक…
नया वर्ष: उम्मीदों की नई सुबह
बीते साल से सबक लेकर भविष्य की ओर बढ़ने का समय पुराना वर्ष अपने साथ कई अनुभव, चुनौतियाँ और सीखें छोड़ गया। अब उन पर अधिक ठहरने का कोई कारण नहीं। नया वर्ष अपने साथ नई संभावनाओं की किरणें लेकर…



