मालंच नई सुबह

सच हार नही सकता

साहित्य

डॉ ध्रुव कुमार की नई पुस्तक ” हिन्दी लघुकथा का शास्त्रीय अध्ययन ” का लोकार्पण

पटना/प्रतिनिधि (मालंच नई सुबह) I ” किसी भी साहित्यिक विधा के लिए सृजन के साथ-साथ आलोचना पक्ष भी बहुत जरूरी पक्ष है I इस दिशा मे लघुकथा आलोचना पर शोधपरक गंभीर कार्य की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी I ” हिन्दी लघुकथा का शास्त्रीय अध्ययन ” ने इस कमी को पूरा किया है I इस महती कार्य के लिए इस पुस्तक के लेखक डॉ ध्रुव कुमार बधाई के पात्र हैं I “

यह उदगार हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार- उपन्यासकार अवधेश प्रीत ने सोमवार को व्यक्त की I वे खादी मॉल में डॉ ध्रुव कुमार की नई पुस्तक ” हिन्दी लघुकथा का शास्त्रीय अध्ययन ” के लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही I उन्होने कहा कि विद्यालय और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में लघुकथा को भी शामिल किया जाना चाहिये, जिससे नई पीढ़ी इस सशक्त विधा से परिचित हो सके I

समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ लघुकथाकार व कवि डॉ भगवती प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि यह पुस्तक लेखक डॉ ध्रुव के विस्तृत अध्ययन, गहन चिंतन, सूक्ष्म दृष्टि व कठिन परिश्रम का सुफल है, जो लघुकथा समालोचना के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी I

जेपी विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रो ( डॉ) अनीता राकेश ने कहा लघुकथा साहित्य की सबसे सशक्त विधाओं में एक है और पटना इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र है I इस पुस्तक के प्रकाशन से यह पुनः सिद्ध हुआ है कि  यहां लघुकथा को लेकर गंभीर कार्य हो रहे हैं I

तीन दर्जन से अधिक पुस्तकों की चर्चित लेखिका ममता मेहरोत्रा ने कहा कि यह पुस्तक लघुकथा के कथ्य, तथ्य व सौंदर्य पर गंभीर चिंतन की उपज है इसलिए यह लघुकथा समालोचना का प्रतिमान तय करने वाली विशिष्ट पुस्तक सिद्ध होगी I

उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव व कवि दिलीप कुमार ने कहा कि इस पुस्तक से लघुकथा की रचना और समीक्षा को लेकर जारी अनेक भ्रांतियां दूर होंगी I

प्रसिद्ध लेखक व खादी मॉल के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच डॉ ध्रुव लगातार गंभीर लेखन में जुटे हैं I

अपने लेखकीय वक्तव्य में डॉ ध्रुव ने कहा कि जिस विधा की समीक्षा- आलोचना जितनी पैनी और धारदार होगी, सृजन उतनी ही अधिक सार्थक और समाजोपयोगी होगी I

इस अवसर पर साहित्य अकादमी के सदस्य प्रो अरुण भगत, डॉ प्रभास कुमार, चितरंजन भारती, विभा रानी श्रीवास्तव,नीरव समदर्शी,मोहन सिंह ,  अनिल रश्मि, पंकज प्रियम, अभय सिन्हा, अर्चना त्रिपाठी, सोमा चक्रवर्ती, लता पराशर, मोहन कुमार, सुधीर मधुकर, जितेंद्र कुमार सिन्हा, विनय कुमार विष्णुपुरी, दिनेश दिवाकर, प्रभास कुमार, रवि श्रीवास्तव, एकता कुमारी, प्रेमलता सिंह, बी एन विश्वकर्मा, मेहता नगेन्द्र सिंह भी मौजूद थे I

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