विश्व आदिवासी दिवस : प्रकृति, संस्कृति और अस्मिता का उत्सव
मोहर सिंह मीना सलावाद विश्व आदिवासी दिवस पूरे विश्व में प्रति वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान, अधिकारों तथा उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास…
स्याही ने नेहा का चेहरा नहीं, हमारी राजनीतिक संस्कृति का चेहरा काला किया है
—-नीरव समदर्शी विचारों से असहमति लोकतंत्र की सबसे स्वाभाविक और आवश्यक शर्त है। किसी व्यक्ति की विचारधारा से असहमत होना अपराध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समाज में यह नागरिक अधिकार है। किसी छात्र नेता के विचार हमें पसंद न हों,…


